5 Essential Elements For “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।

* ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:।

इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.

मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।

मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

Uday Navratri, often known as Prakat Navratri, is thoroughly celebrated from north to south and east to west with great passion and zeal. They symbolize community occasions with a information of devotion and triumph of good more than evil.

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

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यह समय click here साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।

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